कुछ लिखने की कोई ऋतु नहीं होती ,फिर भी अगर हम ऋतुओं में लिखावट को विभाजित करना चाहे तो कर सकते हैं। जैसे वर्षा ऋतु में या कहें सावन के मौसम में लिखने का मजा और सावन के लिए लिखने का आनंद कुछ और ही है, आपकी कलम सावन के लिए लिखने से थकेगी नहीं,आपको शब्द खोजने नहीं पड़ेंगे।

 इसी प्रकार शरद ऋतु मैं आप किसी शांत जगह जाकर अपने विचार कलम के माध्यम से लिख सकते हैं।

 ग्रीष्म ऋतु में आप किसी ठंडक भरी जगह जाकर अपने दिल और दिमाग को इत्मीनान देकर अपनी लिखावट में तरावट ला सकते।

पौराणिक काल से ऋतुऔं का वर्णन बहुत ही सुंदर और मनोरम होता है और ऋतुऔं में प्रकृति का जो वर्णन होता है वह अद्भुत होता है क्योंकि प्रकृति खुद-ब-खुद अद्भुत है और बेहद सुंदर भी, अगर आपको लगता है कि प्रकृति की सुंदरता के लिए कुछ शब्द लिखे जाएं तो कृपया जरूर इन्हें अपनी कलम से आकार दें और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में उकेरते जाये।